
भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, एवं राज्य मंत्री उत्तराखंड भगवत प्रसाद मकवाना के नेतृत्व में सैकड़ों अनुसूचित जाति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने महानगर भाजपा कार्यालय देहरादून से एकत्र होकर कांग्रेस द्वारा निरंतर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार के विरोध में कांग्रेस का लैंसडाउन चौक पर पुतला दहन किया तथा कांग्रेस पार्टी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार द्वारा उत्तराखंड के चौमुखी विकास के लिए किए जा रहे ऐतिहासिक कार्यों से विचलित होकर कांग्रेस कुछ लोगों की आड़ लेकर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय दलित नेता दुष्यंत गौतम (राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी) के साथ-साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट एवं प्रदेश महामंत्री संगठन अजय कुमार की छवि खराब करने हेतु अंकिता हत्याकांड में बिना साक्ष्य प्रस्तुत किए उनके नाम सम्मिलित करने का प्रयास कर रही है, जिसकी भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा कड़ी निंदा करता है। मकवाना ने कहा कि दो लोगों की आपसी ऑडियो बातचीत को वीडियो के माध्यम से प्रचारित कर सनसनी फैलाने वालों को एसआईटी और पुलिस के समक्ष अपने साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए। यदि उनकी बात में दम है तो जांच एजेंसियों को तथ्य उपलब्ध कराएं। हिट एंड रन जैसी स्थिति उत्पन्न कर प्रदेश की जनता को गुमराह करने और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की छवि धूमिल करने के प्रयास सफल नहीं होंगे। ऑडियो में जिस नेता द्वारा वीआईपी का नाम लिया जा रहा है, वह बाद में स्वयं प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उस ऑडियो को एआई द्वारा निर्मित बता रहा है। अतः इस पूरे प्रकरण की फॉरेंसिक जांच आवश्यक है। संत शिरोमणि रविदास विश्व महापीठ के संबंध में काफी समय से दुष्यंत गौतम और सुरेश राठौड़ के बीच विवाद सभी को ज्ञात है, लेकिन कांग्रेस द्वारा अंकिता हत्याकांड का इस प्रकार राजनीतिकरण करना अनुचित है। 2027 के विधानसभा चुनावों को दृष्टिगत रखते हुए इस प्रकार की घटिया राजनीति से कांग्रेस को कोई लाभ नहीं होगा, क्योंकि सत्य की सदैव विजय होती है। धामी सरकार ने अंकिता हत्याकांड में पूरी तत्परता और प्रभावी तरीके से कार्रवाई कराई, जिसका परिणाम यह है कि मुख्य आरोपियों को कम समय में ही माननीय न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा दी जा चुकी है। इसके बावजूद यदि कोई दोषी है और किसी के पास साक्ष्य हैं, तो वे एसआईटी अथवा पुलिस को उपलब्ध कराएं। कानून सबके लिए समान है। केवल सनसनी और अराजकता फैलाकर उत्तराखंड के वातावरण को खराब करने के प्रयासों की भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा कड़ी निंदा करता है। पुतला दहन करने वालों में भगवत प्रसाद मकवाना (राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा), सुरेंद्र घेल (महानगर अध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा), राजेश राजोरिया (प्रदेश कार्यालय प्रभारी, अनुसूचित जाति मोर्चा), राजीव राजौरी, नीतू वाल्मीकि (पूर्व पार्षद), योगेश घाघट (पार्षद), मदन वाल्मीकि (पूर्व महानगर उपाध्यक्ष), विशाल बिरला (वरिष्ठ भाजपा एवं श्रमिक नेता), विशाल अनंत (पूर्व महानगर उपाध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा), मोती राम (भाजपा कार्यालय सह प्रभारी), अनिका छेत्री (पूर्व महानगर मंत्री), अनीता वाल्मीकि, कृष्णा चौहान, गौरव चौहान (पूर्व महानगर मंत्री), मनोज खैरवाल (प्रदेश उपाध्यक्ष, वाल्मीकि युवा मोर्चा), अशोक कुमार, कमल कनौजिया (पूर्व महानगर मंत्री, अनुसूचित जाति मोर्चा), दौलत मकवाना (प्रदेश महामंत्री, वाल्मीकि मोर्चा), बॉबी कुमार (जिला अध्यक्ष, वाल्मीकि युवा मोर्चा), राजेंद्र मचल (मंडल अध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा), अनिल कुमार (मंडल अध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा), अमन कुमार (पूर्व मंडल महामंत्री), गौतम, विनोद घाघट (मीडिया प्रभारी, डालनवाला मंडल भाजपा), सुनील कुमार मेहंदी, संयम कुमार (आईटी प्रमुख, महानगर अनुसूचित जाति मोर्चा), राजीव चौहान (महानगर कोषाध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा), निखिल पर्चा, आर्यन, अनिल कुमार, सतपाल जाटव, विक्रम टॉक (मंडल उपाध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा), मोहम्मद शाहिद (राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष, अल्पसंख्यक मोर्चा), राहुल वाल्मीकि, गौतम, संजय खरे, बबलू, शुभम राजोरिया, विवेक बिरला, मयंक मिश्रा सहित सैकड़ों महिला एवं पुरुष कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



